ओटीपी (OTP) क्या है ? What is OTP in Hindi

हेलो दोस्तो, आशा करते है आप सब अच्छे होंगे और आपको हमारी पोस्ट भी अच्छी लगी होगी। तो इसी के साथ हम आपके लिए आज एक आपकी सुरक्षा से संबंधित विषय पर पोस्ट लेकर आए है। जी हां, यह पोस्ट बिल्कुल आपकी सुरक्षा से संबंधित विषय से है। तो आइए हम आपको बताते है हमारा आज का विषय है- ओटीपी (OTP) क्या है ?(What is OTP) ओटीपी (OTP) किसे कहते है ? आपने ओटीपी (OTP) के बारे में तो सुना ही होगा अगर नही भी सुना तो हम आज आपको बताने जा रहे है ओटीपी (OTP) क्या होता है ? जिस तरह आप अपनी सुरक्षा करते है उसी प्रकार आपको अपने यूजरनेम और पासवर्ड को सुरक्षित रखना पड़ता है। आपकी व्यक्तिगत जानकारी को ओर भी सुरक्षित रखने के लिए ओटीपी (OTP) का प्रयोग किया जाता है। आजकल आनलाइन कार्य और लेनदेन के समय में ओटीपी (OTP) बहुत जरूरी हो गया है। अगर आप ओटीपी के बारे में नही जानते है तो आप बहुत पीछे चल रहे हो यह आपको ज्ञात होना चाहिए। तो ओटीपी (OTP) क्या है, ओटीपी (OTP) के प्रयोग, ओटीपी (OTP) के फायदे और ओटीपी (OTP) के नुकसान जानने के लिए आप हमारी यह पोस्ट ध्याान से पढित्रए और अपने आप को और सुरक्षित महसूस करिए।

ओटीपी (OTP) का फुलफाॅर्म Full Form of OTP

ओटीपी का फुलफाॅर्म है – ‘वन टाईम पासवर्ड’ (One Time Password)

ओटीपी का फुलफाॅर्म हिन्दी में – ‘एक बार प्रयोग किया जाने वाला पासवर्ड’

ओटीपी क्या है? What is OTP?:

ओटीपी (OTP) यानि के वन टाईम पासवर्ड का मतलब है कि एक बार प्रयोग किया जाने वाला पासवर्ड। यह एक कोड के रूप में प्राप्त होता है जो कि शब्दों और अंको दोनो में हो सकता है। इस कोड को सुरक्षा को कोड भी बोला जाता है जिसको हम आनलाइन लेनदेन जैसे नेट बैंकिंग, मनी ट्रांसफर, आनलाइन शापिंग आदि करते है तो हमे एक कोड अपने रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर पर पगाप्त होता है जिसको वेबसाईट पर डाले बिना हमारी लेनदेन संभव नही हो सकती। उसी को ओटीपी कहते है। अब आप यह सोच रहे होंगे की ओटीपी हमे प्राप्त कैसे होगा। तो यह भी हम अता रहे है कि ओटीपी आपको कैसे प्राप्त होगा। जब आप कोई भी आनलाइन लेनदेन करते है जैसे मनी ट्रांसफर, बिल भरना, रिचार्ज करना, आनलाइन शाॅपिंग आदि तो पेमेंट करते समय आपसे आपकी बैंक अकाऊंट की डिटेल मांगते है या डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर और कार्ड पिन मांगते है तो हम उनको डालने के बाद हमारे रजिस्ट्रड मोबाईल नम्बर पर एक 6 अंको का कोड प्राप्त होता है। जो कि ओटीपी कहलाता है। यह कोड कुछ जगह 4 अंको का भी होता है। जो कि आपकी सुरक्षा में बहुत महत्वपूर्ण है।

ओटीपी (OTP) का प्रयोग क्यो किया जाता है:

ओटीपी का प्रयोग क्यो किया जाता है यह भी आपके लिए जानना बहुत जरूरी है। जब हम किसी वेबसाईट पर अकाउंट बनाते है तो उसमें हम अपनी व्यक्तिगत जानकारी डालते है और अपना यूजरनेम और पासवर्ड बनाते है। वैसे तो यह सब सुरक्षित होता है परंतु आज के समय में हमारी इन जानकारी को हैकर्स से बहुत खतरा होता है। हैकर्स किसी भी समय हमारी व्यक्तिगत जानकारी हैक करके चुरा सकता है तथा उसका गलत प्रयोग कर सकता है सका खामियाजा हमें भुगतना पड़ सकता है। तो इसी को सुरक्षित बनाने के लिए वेबसाईट हमारे मोबाइल या ईमेल पर ओटीपी वेरिफिकेशन सुरक्षा पव्रदान करती है जिससे हमारी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रह सके।

ओटीपी (OTP) का प्रयोग कहा-कहा किया जाता है:

आपने यह तो जान लिया कि ओटीपी किसे कहते है और इसका प्रयेाग क्यो कियाजाता है तो हम आपको बताते है कि ओटीपी का प्रयोग कहां-कहां किया जाता है।

ईकाॅमर्स शाॅपिंग वेबसाईट के लिएः

ईकाॅमर्स शाॅपिंग वेबसाईट के बारें में तो आप जानते ही होंगे। जी हां आनलाइन कुछ सामान या वस्तु मंगाने के लिए हम जिन प्लेटफाॅर्म का सहारा लेते है हम उन्ही की बात कर रहे है। इन वेबसाईट पर अकाउंट बनाते समय हमसे हमारी सभी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है जो कि डालना अनिवार्य होता है। और पेमेंट करते समय हमारी बैंक अकाउंट से संबधित जानकारी हमसे मांगते है जिसको सुरक्षित रखने कि लिए वो हमारे पास ओटीपी भेजते है। जिससे हमे पता लग जाता है कि हमारी जानकारी सुरक्षित है यदि कोई ओर हमारी जानकारी के साथ छेडखानी करता है तो हमे ओटीपी प्राप्त होता है जिससे हमे पता लगजाता है कि कोई हमारी जानकारी के साथ छेडखानी कर रहा है।

आनलाइन बैंकिंग कार्य मेंः

आजकल आनलइन बैंकिंग का कार्य जोरो पर है। हर कोई अपना काम जो कि पैसे रे संबंधित हो घर पैर बैठ कर इंटरनेट बैंकिग के माध्यम से करने लग गया है। तो आनलाईन कार्यो में पेमेंट करने में बैंकिग डिटेल्स मांगी जाती है जिसकी सुरक्षा के लिए ओटीपी का प्रयोग किया जाता है।

सोशल नेटवर्किंग प्लेटफाॅर्म परः

आज कल सोशल नेटवर्किंग हर कोई यूज करता है जैसे फेसबुक, वाट्सएप, यूट्यूब, जीमेल आदि का प्रयोग सब करते है जिसमें कि अकाउंट बनाते वक्त हमारी सभी व्यक्तिगत डिटेल्स भरी जाती है उस समय हमारे मोबाईल नम्बर और हमारी ईमेल भी मांगी जाती है जिस पर हमें ओटीपी प्राप्त होता है। जो कि हमारी जानकारी सुरक्षित रखने में हमारी मदद करता है।

ओटीपी (OTP) के फायदेंः

  • ओटीपी से हमारे सोशल नेटवर्किंग अकाउंट सुरक्षित रहते है।
  • ओटीपी से हमारी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रहती है।
  • ओटीपी से हम सुरक्षित आनलाइन शाॅपिंग कर सकते है।
  • ओटीपी हर बार नया जनरेट होता है।
  • एक ओटीपी कुछ ही समय तक वैलिड होता है उसे हम कुछ समयावधि तक प्रयोग कर सकते है जिससे हमे बहुत फायदा मिलता है।
  • ओटीपी हम स्पैमिंग से बचाता है।

ओटीपी (OTP) के नुकसानः

ओटीपी का नुकसान यह है कि आपने जो नम्बर रजिस्टर्ड किया है जिस पर ओटीपी आता है अगर वह खो जाता है या उसमें कोई समस्या आ जाती है तो ओटीपी नही आ पाएगा और आपका कार्य रूक जाएगा। यदि आपने किसी भी वेबसाइट पर अपना खाता बना रखा है और आपका मोबाइल खो जाए या किसी ओर के हाथ लग जाए तो वो आपके खाते का गल प्रयो कर सकता है।

निष्कर्षः

तो उपर हमने जाना कि ओटीपी किसे कहते है, ओटीपी क्या होता है (What is OTP), ओटीपी के फायदे, ओटीपी की फुलफाॅर्म, ओटीपी के नुकसान, ओटीपी का प्रयोग आदि के बारे में हमने जाना। हमने यह पता लगा कि ओटीपी हमारी व्यक्तिगत जानकारी, लेनदेन आदि के लिए कितना जरूरी है। ओटीपी हमारी सुरक्षा के रूप में एक ढ़ाल बनकर खडा है। बिना ओटीपी हम कोई भी आनलाइन लेनदेन नही कर सकते। इसके बिना हम कोई भी इंटरनेट बैंकिग कार्य नही कर सकते। जो आज आपने जाना कि ओटीपी क्या होता है, ओटीपी किसे कहते है। हम आशा करते है कि आपको हमारी आज की पोस्ट आपको पसंद आई होगी और आज आपको को कुछ जानने को मिला होगा। हम भविष्य में भी आपके लिए आपकी सुरक्षा संबंधित पोस्ट लिखते रहेंगे। इसके लिए आप हमारी वेबसाईट से जुडे रहिए।

हम आशा करते है कि आपको हमारी आज की यह पोस्ट पसंद आई होगी। हमारी और पोस्ट पढ़ने के लिए दबाए- Hindibloger.com

Leave a Comment